आज दिनांक 26 दिसंबर 2025 को न्याय पंचायत आनंद खेड़ा में “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस जनसेवा शिविर में 23 विभागों द्वारा अपने-अपने स्टॉल लगाए गए, जहां आम जनता की समस्याओं का मौके पर निस्तारण करते हुए विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। शिविर में कुल 1241 लोगों ने सहभागिता की, जिनमें सभी को किसी न किसी विभागीय योजना से लाभान्वित किया गया।
शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 459 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। वहीं विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 46 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 21 शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष 25 शिकायतों को संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया। कार्यक्रम के दौरान दो समूहों को कैश क्रेडिट लिमिट के अंतर्गत 4.5 लाख रुपये की धनराशि वितरित की गई।
शिविर में नागरिक सेवाओं के अंतर्गत 65 आधार कार्ड, 15 आयुष्मान कार्ड, 36 स्थायी निवास प्रमाण पत्र, 10 जाति प्रमाण पत्र, 35 आय प्रमाण पत्र, 38 परिवार रजिस्टर की नकल, 5 बीपीएल कार्ड, 5 मृत्यु प्रमाण पत्र, 3 यूसीसी, 6 एसईसीसी प्रमाण पत्र तथा 7 दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए गए। इसके साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टालों पर 9200 रुपये की हस्तनिर्मित सामग्री की बिक्री भी की गई।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दो महिलाओं की गोदभराई की रस्म संपन्न कराई गई। वहीं एक दिव्यांग बालक गौरव का मौके पर ही विकलांग पेंशन हेतु निस्तारण किया गया। उसका विकलांगता प्रमाण पत्र 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 90 प्रतिशत किया गया तथा तत्काल आय प्रमाण पत्र भी जारी किया गया।
शिक्षा विभाग द्वारा 10 बालिकाओं को साइकिल, 5 बालिकाओं को जूता-बैग, 5 बालिकाओं को गणवेश तथा आरटीई के अंतर्गत 10 छात्र-छात्राओं को चेक वितरित किए गए। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा विकसित भारत योजना से जुड़े नए प्रावधानों की जानकारी दी गई। श्रम विभाग द्वारा 50 ई-श्रम कार्ड वितरित किए गए।
कार्यक्रम में विधायक शिव अरोड़ा, ब्लॉक प्रमुख ज्योति ग्रोवर, सांसद प्रतिनिधि प्रीत ग्रोवर, अमित नारंग, भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजेश बजाज, कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख रीमा पाईक, उपजिलाधिकारी ऋचा सिंह, नोडल डीपीआरओ विद्या सोमनाल, खंड विकास अधिकारी अतिया परवेज़, एडीओ हेम कांडपाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य सरकार की योजनाओं को सीधे आमजन तक पहुंचाना रहा, जिसमें प्रशासन की सक्रियता और जनभागीदारी सराहनीय रही।











