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गदरपुर में न्याय के देवता गोल्ज्यू महाराज के भव्य मंदिर निर्माण का हुआ भूमि पूजन, पर्वतीय समाज में खुशी की लहर

गदरपुर में न्याय के देवता गोल्ज्यू महाराज के भव्य मंदिर निर्माण का हुआ भूमि पूजन, पर्वतीय समाज में खुशी की लहर
गदरपुर।
नगर के वार्ड नंबर 2 स्थित शिशु मंदिर रोड की कॉलोनी में रविवार को पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान समिति के तत्वाधान में न्याय के देवता गोल्ज्यू महाराज के भव्य मंदिर निर्माण के लिए विधि-विधान के साथ भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मंदिर निर्माण के इस संकल्प में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

जानकारी के अनुसार लंबे समय से गदरपुर और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले पर्वतीय समाज के लोग अपने आराध्य देवता गोल्ज्यू महाराज के मंदिर के निर्माण की इच्छा रखते थे। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान समिति ने पहल करते हुए मंदिर निर्माण का संकल्प लिया और रविवार को विधिवत भूमि पूजन कर इस कार्य की औपचारिक शुरुआत कर दी गई।
भूमि पूजन कार्यक्रम में जगरिया हरीश खाती (गुरु) द्वारा पारंपरिक पर्वतीय रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कराई गई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान देवताओं का आह्वान किया गया और मंदिर निर्माण के लिए भूमि का चयन कराया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव के साथ पूजा में भाग लिया और देवताओं से क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा मंदिर निर्माण कार्य के सफलतापूर्वक पूर्ण होने की कामना की।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भाजपा के प्रदेश मंत्री गुंजन सुखीजा ने भी पूजा-अर्चना में भाग लेकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गदरपुर में न्याय के देवता गोल्ज्यू महाराज का मंदिर बनना पूरे क्षेत्र के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि गोल्ज्यू देवता न्याय के प्रतीक माने जाते हैं और उनकी कृपा से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उन्होंने पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान समिति के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक कार्य समाज को जोड़ने का काम करते हैं।
नगर पालिका चेयरमैन मनोज गुम्बर (मिंटू) ने भी मंदिर निर्माण को लेकर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह मंदिर न केवल पर्वतीय समाज बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों की आस्था का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक स्थल समाज में आध्यात्मिक वातावरण को मजबूत करते हैं और लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का काम करते हैं।
पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान समिति के अध्यक्ष रविंद्र आर्य ने बताया कि पर्वतीय समाज के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि गोल्ज्यू देवता पर्वतीय समाज के इष्टदेवता और आराध्य देवता हैं, जिनकी पूजा उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में विशेष श्रद्धा के साथ की जाती है। उन्होंने कहा कि गदरपुर में भी बड़ी संख्या में पर्वतीय समाज के लोग निवास करते हैं और लंबे समय से यहां गोल्ज्यू देवता के मंदिर की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब यह सपना साकार होने जा रहा है।
उन्होंने आगे बताया कि उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित चितई गोल्ज्यू मंदिर की तरह यहां भी श्रद्धालु अपनी अर्जी लगाकर न्याय की प्रार्थना कर सकेंगे। मान्यता है कि गोल्ज्यू महाराज सच्चे मन से की गई प्रार्थना को अवश्य सुनते हैं और भक्तों को न्याय प्रदान करते हैं। समिति का प्रयास रहेगा कि मंदिर निर्माण के बाद यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
समिति के सचिव मनोज कांडपाल ने भी इस अवसर पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मंदिर निर्माण कार्य में समाज के सभी लोगों का सहयोग मिल रहा है। उन्होंने क्षेत्रवासियों और समाज के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से जल्द ही एक भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था का केंद्र बनेगा।
भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ गोल्ज्यू महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष रविंद्र आर्य, सचिव मनोज कांडपाल, सुमित उपाध्याय, प्रेम आर्य, हीरा बिष्ट, राजेंद्र बिष्ट, बहादुर सिंह नेगी, चंपा पांडे, गीता पपोला, अंकुर कांडपाल, हेमंत मेलकानी, जगरिया हरीश खाती (गुरु), आनंद दास, जितेश, हिमांशु, शिवम, रंजीत बिष्ट, जीवन बिष्ट, बलवंत दानू, हिमांशु पांडे, प्रहलाद राम आर्य, गणेश सिंह माजिला, पंकज कांडपाल, गजेन्द्र सिंह बिष्ट, हुकुम सिंह बिष्ट, ललित मेलकानी, मोहन लाल आर्य, रिंकू पांडे, जसपाल डोगरा, शिव सिंह बिष्ट, दर्शन सिंह नेगी, आनंद पांडे, विकास ग्वाड़ी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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