सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले की निष्पक्ष जांच करेंगे कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत

  1. जनता से सहयोग की अपील, पारदर्शी मजिस्ट्रियल जांच का भरोसा
    उत्तराखंड में पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह प्रशासन की मिसाल पेश करते हुए कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने एक बार फिर यह साबित किया है कि शासन-प्रशासन में जनता का भरोसा सर्वोपरि है। ऊधमसिंहनगर निवासी स्वर्गीय सुखवंत सिंह की आत्महत्या के गंभीर मामले में, उत्तराखंड शासन द्वारा कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
    यह मामला उस समय और अधिक गंभीर हो गया था जब मृतक सुखवंत सिंह ने आत्महत्या से पूर्व सोशल मीडिया पर पुलिस अधिकारियों एवं अन्य व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों को देखते हुए शासन ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं।
    शासन के आदेश के क्रम में आयुक्त दीपक रावत ने त्वरित संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया है कि इस मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जाएगी। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस प्रकरण से संबंधित कोई भी जानकारी, साक्ष्य या तथ्य हों, तो वे बिना किसी भय के आगे आकर जांच में सहयोग करें।
    आयुक्त दीपक रावत ने साफ संदेश दिया है कि “कानून से ऊपर कोई नहीं है और सच्चाई सामने लाने के लिए हर स्तर पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।” उनका यह रुख न केवल पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि उत्तराखंड प्रशासन किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है।
    जनता के बीच दीपक रावत की पहचान एक ईमानदार, संवेदनशील और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में रही है। उनके इस कदम से राज्य में प्रशासनिक पारदर्शिता को और मजबूती मिली है। पूरे मामले पर उत्तराखंड का गौरव निष्पक्ष जांच और न्याय की प्रत्येक प्रक्रिया पर नजर बनाए रखेगा।
    उत्तराखंड का गौरव
    (आईना सच्चाई का, बात सच की)

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