सामाजिक न्याय के लिए वरदान बना यूसीसी कानून : विकास शर्मा

सामाजिक न्याय के लिए वरदान बना यूसीसी कानून : विकास शर्मा
यूसीसी दिवस पर गांधी पार्क में आयोजित हुआ विशाल जन-जागरूकता कार्यक्रम
सरकारी योजनाओं के स्टॉलों पर उमड़ी लोगों की भीड़, निःशुल्क पंजीकरण की सुविधा
रूद्रपुर।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून के लागू होने का एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राज्य सरकार के निर्देशानुसार शुक्रवार को ‘यूसीसी दिवस’ पूरे गौरव और उत्साह के साथ मनाया गया। नगर निगम एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय गांधी पार्क में भव्य कार्यशाला एवं जन-सुविधा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें सुबह से ही नागरिकों की भारी भीड़ देखने को मिली।
कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर विकास शर्मा ने फीता काटकर किया। इस दौरान जिलाधिकारी नितिन भदौरिया सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और आमजन से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर विकास शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में समान नागरिक संहिता को सफलतापूर्वक लागू कर ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने कहा कि यूसीसी कानून सामाजिक समानता, महिला सशक्तिकरण और न्याय की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। यह कानून अपने उद्देश्यों पर पूरी तरह खरा उतर रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से सामने आ रहे हैं।
महापौर ने कहा कि पूर्व में विवाह, तलाक और पारिवारिक मामलों में स्पष्ट नियमों के अभाव में समाज में कई विसंगतियां थीं। विशेषकर मुस्लिम समाज में प्रचलित तीन तलाक जैसी कुप्रथाएं महिलाओं के शोषण का कारण बनती थीं, लेकिन यूसीसी ने इस अन्याय को समाप्त करने का कार्य किया है। अब बहुविवाह और मनमाने तलाक जैसी प्रथाओं पर सख्त रोक लगी है। उन्होंने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप और पहचान छिपाकर विवाह करने वालों पर कड़े प्रावधान समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत कर रहे हैं। साथ ही 2010 के बाद हुए सभी विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य कर महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षित किया गया है।
अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कहा कि यूसीसी कानून अल्पसंख्यक समाज की महिलाओं के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। यह कानून उन बहनों को न्याय और सुरक्षा प्रदान कर रहा है, जो वर्षों से अपने अधिकारों से वंचित थीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं स्वयं को अब अधिक सुरक्षित और सशक्त महसूस कर रही हैं।
जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने कहा कि प्रथम यूसीसी दिवस मनाना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यूसीसी केवल एक कानून नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता की मजबूत नींव है। इस शिविर के माध्यम से नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।
नगर आयुक्त शिप्रा जोशी पाण्डे ने बताया कि शिविर में यूसीसी पंजीकरण के साथ-साथ विभिन्न प्रमाण पत्रों का वितरण किया गया तथा लोगों को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
कार्यक्रम में एडीएम पंकज उपाध्याय, सहायक नगर आयुक्त राजू नबियाल, एसडीएम मनीष बिष्ट, सीडीओ दिवेश शाशनी, पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं सैकड़ों नागरिक उपस्थित रहे।

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