ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु हरगोबिंद साहिब नवाबगंज में सजे भव्य दीवान, अमृत संचार व गुरमत समागम की तैयारियां पूर्ण
गदरपुर।
माघ मास की अमावस्या के पावन अवसर पर ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु हरगोबिंद साहिब नवाबगंज (उत्तराखंड/उत्तर प्रदेश) में श्रद्धा और आस्था से ओत-प्रोत भव्य दीवानों का आयोजन किया गया। इस दौरान गुरुद्वारे में दिनभर गुरु का अटूट लंगर चलता रहा, वहीं पवित्र सरोवर में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने स्नान कर गुरमत समागम में सहभागिता की।
अमावस्या के अवसर पर रखे गए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अखंड पाठ के भोग उपरांत रागी भाई हरजीत सिंह द्वारा मधुर गुरबाणी कीर्तन, भाई जसवीर सिंह द्वारा गुरु इतिहास व कथा तथा सर्वत्र सुख-शांति की अरदास की गई। दीवान में कवि श्री जत्था भाई देविंदर सिंह ताज एवं भाई सतनाम सिंह शौकी की टीम ने गुरु साहिबान के सिद्धांतों एवं चाली मुक्तों के बलिदान का मार्मिक इतिहास सुनाकर संगत को भावविभोर कर दिया।
इस पावन अवसर पर मीरी पीरी खालसा अकैडमी, रतनपुरा (उत्तराखंड) के बच्चों ने भी कीर्तन एवं सेवा के माध्यम से गुरु घर में अपनी आस्था प्रकट की। कार्यक्रम का सफल संचालन भाई करमजीत सिंह द्वारा किया गया।
भाई करमजीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 21, 22 एवं 23 जनवरी को मीरी पीरी खालसा अकैडमी रतनपुरा, नवाबगंज में भाई रणजीत सिंह ढढरियां वाले प्रातः 11 बजे से सायं 4 बजे तक गुरबाणी कथा, कीर्तन एवं गुरु इतिहास का रसपूर्ण श्रवण कराएंगे।
23 जनवरी को अमृत संचार का आयोजन भी किया जाएगा।
उन्होंने क्षेत्रीय एवं दूर-दराज से आने वाली समस्त संगत से अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम का आध्यात्मिक लाभ उठाने की अपील की।










